कोरोमंडल इंटरनेशनल के रीजनल बिजनेस हेड श्री बी.के. बलेचा के अनुसार ग्रोप्लस जड़ों को मजबूती देकर और फसल तथा पौधों के सम्पूर्ण विकास में तेजी लाता है। तने और वानस्पतिक विकास में वृद्धि और सही समय पर पकने में फसल की मदद करता है। फसल में फूल और बीज के निर्माण में वृद्धि लाता है और पौधे को हरा-भरा रखता है। बीमारियों और ठंडे मौसम में पौधे की प्रतिरोधकता बढ़ाता है। ग्रोप्लस तिलहनों में तेल की मात्रा बढ़ाकर फसल की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ दाने का आकार और बालियों की संख्या बढ़ाता है। इसमें माइक्रो न्यूट्रिएंट होने के कारण यह फसल को काफी बेहतर पोषण देता है। मृदा सुधारक के रूप में काम करते हुए मिट्टी का पीएच बदले बिना मिट्टी की गुणवत्ता और सेहत को बनाए रखता है। श्री पाण्डेय ने बताया कि डीएपी के स्थान पर बेहतरीन परिणाम के लिए ग्रोप्लस के तीन बैग और २० किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ उपयोग करना लाभकारी है।

कोरोमंडल इंटरनेशनल के सीनियर मैनेजर मार्केटिंग श्री अमित मिश्रा ने बताया कि ग्रोप्लस को सभी तरह की खाद्यान्न फसलों एवं मसाला, सब्जी वाली फसलों में उपयोग किया जा सकता है। जिन किसानों ने अभी तक ग्रोप्लस अपनी फसलों में प्रयोग किया है वे सभी इसके परिणाम से संतुष्ट हैं। डीएपी की तुलना में सस्ता एवं ५ अतिरिक्त पोषक तत्व मिलने से ग्रोप्लस की माँग बढ़ रही है। ग्रोप्लस मप्र में कम्पनी के अधिकृत डीलर्स के पास उपलब्ध है।
कोरोमंडल इंटरनेशनल के रीजनल मार्केटिंग मैनेजर श्री पी.के. पाण्डेय ने बताया कि किसानों की आमदनी दोगुना करने में ग्रोप्लस प्रमुख भूमिका निभा रहा है। विशिष्ट गुणों के कारण यह उत्पाद किसानों की पहली पसंद बन रहा है। ग्रोप्लस उर्वरक की विशिष्ट तकनीकी के कारण यह मृदा में उपलब्ध पी.एस.बी. की क्रियाशीलता को बढ़ा देता है जिससे फास्फोरस की उपलब्धता बहुत अधिक बढ़ जाती है जो इसे अन्य उर्वरकों से अलग बनाता है।
