जलगांव, 2 जून (प्रतिनिधि): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – एआई) दुनिया भर में तेजी से बदलाव ला रही है, लेकिन कृषि और खाद्य प्रणाली का क्षेत्र भविष्य में भी उतना ही महत्वपूर्ण बना रहेगा। एआई के प्रभावी उपयोग से कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन संभव है, ऐसा प्रतिपादन फाली के चेयरमैन तथा जैन इरिगेशन के उपाध्यक्ष अनिल जैन इन्होंने किया।
जलगांव स्थित जैन हिल्स में आयोजित फाली सम्मेलन के 12वें वर्ष के प्रथम चरण के पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। कृषि उद्योग बिजनेस प्लान प्रस्तुति प्रतियोगिता में यवतमाल के पीएम रुईकर ट्रस्ट हाईस्कूल, नांझा की टीम ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं कृषि नवाचार (एग्रो-इनोवेशन) प्रस्तुति प्रतियोगिता में अहमदाबाद के आनंद निकेतन सैटेलाइट कैंपस की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अनिल जैन ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व के लिए आवश्यक कौशल और दृष्टिकोण विकसित करना फाली का प्रमुख उद्देश्य है तथा आने वाले वर्षों में 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
पिछले बारह वर्षों से फाली पहल विद्यार्थियों को शिक्षा, मार्गदर्शन और प्रगति के अवसर उपलब्ध करा रही है। जैन इरिगेशन के संस्थापक भवरलाल जैन के प्रेरणादायक कार्यों का उल्लेख करते हुए अनिल जैन ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज तकनीक, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और स्टार्टअप के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध है, इसलिए युवाओं को भारतीय कृषि और खाद्य प्रणाली को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में योगदान देना चाहिए।
फाली में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिला शक्ति की भूमिका निर्णायक साबित होगी। इस अवसर पर फाली की सफलता में योगदान देने वाले विभिन्न अधिकारियों तथा शिक्षक समन्वयकों का सम्मान किया गया। नवनियुक्त सीईओ शाबोर्नी पोद्दार ने पदभार ग्रहण किया, जिनका स्वागत भी किया गया। इस दौरान शाबोर्नी पोद्दार ने भविष्य की योजनाओं और लक्ष्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। फाली की संस्थापिका एवं उपाध्यक्ष नैंसी बैरी ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया।
सम्मेलन के दूसरे दिन प्रथम बैच के विद्यार्थियों ने अभिनव विचारों और शोध-आधारित प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया। कुल 55 कृषि उद्योग आधारित बिजनेस प्लान प्रस्तुत किए गए तथा 55 कृषि नवाचार परियोजनाओं की प्रस्तुति विद्यार्थियों द्वारा की गई। इन प्रस्तुतियों में कृषि क्षेत्र के प्रति विद्यार्थियों की नवोन्मेषी सोच की झलक देखने को मिली।
सम्मेलन के परिणाम
जलगांव के भालोद स्कूल को दो पुरस्कार
कृषि नवाचार प्रस्तुति प्रतियोगिता
प्रथम स्थान – आनंद निकेतन सैटेलाइट कैंपस, अहमदाबाद
द्वितीय स्थान – न्यू इंग्लिश स्कूल, भालोद, जलगांव
तृतीय स्थान – श्री सातपुड़ा विद्यालय, लोणखेडा, नंदुरबार
चतुर्थ स्थान – श्री यमाई श्रीनिवास विद्यालय, औंध, सातारा
पंचम स्थान – न्यू इंग्लिश गर्ल्स स्कूल, आष्टा, सांगली
कृषि बिजनेस प्लान प्रतियोगिता
प्रथम स्थान – पीएम रुईकर ट्रस्ट हाईस्कूल, नांझा, यवतमाल
द्वितीय स्थान – जनता गर्ल्स हाईस्कूल, शेंदूरजना घाट, अमरावती
तृतीय स्थान – न्यू इंग्लिश स्कूल, भालोद, जलगांव
चतुर्थ स्थान – सोमेश्वर विद्यालय, मुढाळे, पुणे
पंचम स्थान – श्री विठ्ठल माध्यमिक विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, भिकोबानगर, पुणे
इन सभी विजेताओं को उपस्थित गणमान्य अतिथियों के हाथों पुरस्कार प्रदान किए गए।
आधुनिक तकनीक और टिकाऊ कृषि पर प्रस्तुतियां
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं में कृषि उद्यमिता, आधुनिक तकनीक का उपयोग, टिकाऊ (सस्टेनेबल) कृषि पद्धतियां तथा भविष्य उन्मुख समाधान विषयों पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की परीक्षकों और विशेषज्ञों ने सराहना की।
इन प्रस्तुतियों के मूल्यांकन के लिए जैन इरिगेशन, गोदरेज एग्रोवेट, यूपीएल, स्टार एग्री, आईटीसी, ओमनीवोर, एसबीआई फाउंडेशन, उज्जीवन, गांधी रिसर्च फाउंडेशन तथा रयत शिक्षण संस्था, सातारा जैसे प्रतिष्ठित उद्योग, कृषि और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञ निर्णायक उपस्थित थे।

