जलगांव, दि. 27 प्रतिनिधि : जैन हिल्स के सुरम्य परिसर में उगते सूर्य की साक्षी में जलगांववासियों ने भागदौड़ भरी जीवनशैली से कुछ पल स्वयं के लिए निकालते हुए शरीर और मन को नवचैतन्य देने वाले ‘Sunrise & Surrender – The Morning Journey’ इस अनोखे उपक्रम का अनुभव लिया। ‘The Unplug Project’ के माध्यम से आयोजित इस विशेष मॉर्निंग जर्नी में प्रकृति भ्रमण, ध्यान, लाइव म्यूजिक, डांस के साथ स्वादिष्ट खाद्यसंस्कृति का आनंद प्रतिभागियों ने लिया। सुबह की यह अनोखी यात्रा सभी के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गई।
जैन हिल्स के प्राकृतिक वातावरण में Scenic Run और Nature Walk के साथ ध्यान, लाइव म्यूजिक तथा फ्री-फ्लो डांस का प्रतिभागियों ने आनंद लिया। ‘Not just a run. Not just a party.’ की संकल्पना पर आधारित इस उपक्रम का उद्देश्य शरीर के साथ मन को भी तरोताजा करना था। ‘Move, Breathe, Dance, Belong’ की भावना से जलगांववासियों को एक साथ लाने का प्रयास आयोजकों ने किया।
इस उपक्रम में कबचौ उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विजय माहेश्वरी, जिलाधिकारी रोहन घुगे, मनपा आयुक्त आदित्य जिवने, जिला परिषद की सीईओ करिश्मा नायर, उपवनसंरक्षक सौरेश सहाय, उपजिलाधिकारी अर्चना मोरे, जैन इरिगेशन के अध्यक्ष अशोक जैन, सौ. ज्योती जैन, उपाध्यक्ष अनिल जैन, सौ. निशा जैन, शोभना अजित जैन, सहव्यवस्थापकीय संचालक अतुल जैन, डॉ. भावना जैन, क्रेडाई के राज्य उपाध्यक्ष अनिश शहा, यामिनी शहा, डॉ. जयवंत नागूलकर, डॉ. कल्याणी नागूलकर, प्रेम कोगटा, अथांग जैन, अंबिका जैन, अभेद्य जैन और आंचल जैन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
चौकट…
जलगांववासियों को मिला ‘रन’ से परे का अनुभव!
‘सिर्फ दौड़ना नहीं, सिर्फ पार्टी भी नहीं’ की संकल्पना से आयोजित इस उपक्रम में व्यायाम, प्रकृति, संगीत और नृत्य का अनोखा संगम देखने को मिला। शरीर के साथ मन को भी तरोताजा करने वाले इस आयोजन के माध्यम से ‘आइए, चलें, सांस लें, नाचें और एक साथ जुड़ें’ का संदेश दिया गया। अंबिका जैन, जयंतिका और सनम की पहल से जलगांववासियों को पहली बार इस तरह के अनूठे उपक्रम का अनुभव मिला।
‘Music’ से ‘Meditation’ तक की अनोखी रंगत…
अहमदाबाद के प्रसिद्ध आर्टिस्ट पारस दलाल की विशेष उपस्थिति रही। उनके सादरीकरण से सुबह के इस अनुभव में संगीत और मनोरंजन की अलग ही रंगत देखने को मिली। जलगांववासियों के लिए यह सुबह ‘Run से Relaxation तक’ और ‘Music से Meditation तक’ का नया अनुभव लेकर आई।
श्रद्धेय बड़ेभाऊ की श्रद्धाज्योत इस श्रद्धास्थल से मॉर्निंग जर्नी की शुरुआत हुई। यहां से श्रद्धाधाम परिसर में नावों पर तबला वादन, क्लासिकल पियानो वादन तथा मंगोलियन साउंड के माध्यम से प्रकृति के साथ संवाद साधने का प्रयास किया गया। ध्यान एवं योग के माध्यम से मन की शांति का अनुभव लेने का प्रयास किया गया।
अंबिका जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। डॉ. अश्विन झाला ने परिसर की जानकारी दी। उपक्रम की सफलता के लिए अंबिका जैन के साथ जयंतिका, सनम और जगदीश चावला ने विशेष परिश्रम किया।